भारतीय ज्योतिष - यमगण्ड काल



भारतीय ज्योतिष के अनुसार यमगण्ड गुरु या बृहस्पति ग्रह का पुत्र है।

यह राहु काल की तरह एक अशुभ समय भी है। यमगण्डम को मृत्यु काल भी कहा जाता है।

ऐसा कहा जाता है कि इस समय शुरू की गई कोई भी गतिविधि मृत्यु या विफलता में समाप्त होती है।

इसलिए, आपको सलाह दी जाती है कि किसी भी दिन के यमगण्डम का पता लगाएं और अपने धन, यात्रा या करियर संबंधी कदमों की योजना तदनुसार बनाएं ताकि नुकसान से बचा जा सके।





अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. यम कण्डम क्या है?

यमकण्डम का अर्थ है विनाशकारी समय, यह मृत्यु के समय को इंगित करता है।

2. क्या यह अच्छा समय है?

इस समय कोई शुभ कार्य नहीं किए जाते हैं। ऐसा माना जाता है कि इस समय जो कुछ भी किया जाता है वह विफलता में समाप्त होता है।

3. इस समय क्या किया जा सकता है?

अंतिम संस्कार या दाह संस्कार इस समय किए जाते हैं, जो जीवन चक्र के अंत का प्रतीक है, इस आशा में कि आत्मा मोक्ष प्राप्त करे।

4. यम कण्डम समय के दौरान हमें क्या नहीं करना चाहिए?

महत्वपूर्ण व्यवसाय, निवेश या यात्रा संबंधी गतिविधियाँ शुरू करने से बचें।

5. ज्योतिष में यम गण्डम क्या है?

वैदिक ज्योतिष के अनुसार, यमगण्ड गुरु या बृहस्पति ग्रह का पुत्र था। यह व्यापक रूप से स्वीकार किया जाता है कि इस अवधि के दौरान शुरू की गई कोई भी गतिविधि विफलता या मृत्यु में समाप्त होती है।